वह गर्भवती है! मैं उसकी और उसकी भावनाओं का कैसे ख्याल रख सकता हूं?

(Content revised 08/2017)

अनुक्रमणिका

वह गर्भवती है…

  • भावी पिता के रूप में,
    गर्भावस्था के दौरान आपको अपने साथी के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए।
  • नए पिता के रूप में,
    आप शिशु की देखभाल से इतने अभिभूत हो सकते हैं कि आप अपने साथी की भावनाओं, या यहां तक कि खुद की भावनाओं पर भी ध्यान नहीं दे सकते।
  • दादा-दादी के रूप में,
    आप सावधानीपूर्वक नई मां के लिए बहुत सारे पोषक भोजन तैयार करेंगे।
  • दोस्त के रूप में,
    आप नई मां को और आराम करने की सलाह देंगे।

परिवार हो या दोस्त, आपके लिए जन्म से पहले और बाद में मां के शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उसका मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अगर मां गर्भावस्था के दौरान बेहतर मानसिक स्वास्थ्य होगा, तो इससे वह गर्भावस्था के दौरान भावनात्मक और शारीरिक परिवर्तनों का सामना करने में सक्षम हो पाएगी, और भ्रूण के स्वस्थ विकास को सुनिश्चित कर पाएगी। मां नवजात शिशु की देखभाल करने के तनाव से निपटने में भी बेहतर तरीके से सक्षम होगी। जन्म के बाद शिशु में भी अधिक स्थिर भावनाएं और स्वभावजन्य व्यवहारिक प्रतिक्रियाएं होंगी। इसके अलावा, पिता शिशु के जन्म के बाद हुए परिवर्तनों का सामना करने में सक्षम होंगे, ताकि नए माता-पिता एक साथ खुश और स्वस्थ परिवार बना सकें।

यह पुस्तिका आपको जन्म से पहले और बाद में मां में होने वाले भावनात्मक परिवर्तनों को समझने में मदद करेगी। कृपया जरूरत के समय मदद लें।

गर्भधारण से लेकर जन्म देने तक का सफर

गर्भवती होने से लेकर जन्म देने तक, पिता और माता के पास सकारात्मक या नकारात्मक विचार और भावनाएं हो सकती हैं; उनकी भावनाओं को विभिन्न स्तरों पर व्यक्त किया जा सकता है। ये विचार और भावनाएं सभी प्राकृतिक हैं, सही या गलत नहीं है।

शुरुआती बिंदु: जल्द ही हमारा अपना बच्चा होगा!

  • उत्सुक प्रत्याशा (आखिरकार, हमारा प्यार सफल हो गया है!)
  • नाराज (मेरी सास ने कहा, "तुमको चाहिए ..."; मुझे खाना नहीं चाहिए ...? मुझे और अधिक स्वस्थ भोजन खाना चाहिए ...?)
  • घबराना (प्राकृतिक प्रसव या सीज़ेरियन सेक्शन?; क्या शिशु को मेरी सास पालेगी या मैं खुद?; क्या मुझे नौकरानी या नैनी रखनी चाहिए?)

मैं प्रसव पीड़ा में हूं!

  • प्यारा (मेरी पत्नी दुनिया में नया जीवन ला रही है! यह एक कठिन काम है और वह अद्भुत काम कर रही है!)
  • उत्साहित (लंबे इंतजार के बाद, मेरा शिशु आखिरकार यहां है!)

शिशु का जन्म हुआ है!

  • प्यारा (देखो, शिशु मुस्कुरा रहा है! देखो, शिशु चल रहा है!)
  • बच्चे को मिस कर रहा हूं (मैं काम खत्म करने के बाद मेरे बच्चे को देखने के लिए घर जाने का इंतजार नहीं कर सकता!)
  • चिढ़ा हुआ (मेरा बच्चा हर समय रोता क्यों रहता है? मैं कुछ भी करूं, बच्चा चुप नहीं होगा।)
  • उलझन में और असहाय (लोग मेरे बच्चे की देखभाल को लेकर बहुत कुछ कहते हैं। बच्चे की देखभाल करना इतना आसान भी नहीं है!)
  • चिंतित (मेरा जीवन उल्टा हो गया है! मेरे पास खुद के लिए समय और स्पेस नहीं है।)
  • निराश (बच्चा होने के बाद, ऐसा लगता है कि मेरी पत्नी की हमारे सेक्स जीवन में रुचि पूरी तरह खत्म हो गई है ...)

समय बीत रहा है! हमारा बच्चा अब कुछ महीने का हो चुका है!

  • संतुष्ट (बच्चा 6 महीने का हो गया है! उसकी प्रतिक्रियाएं बहुत प्यारी हैं!)
  • दिल को पिघला देने वाला (बच्चे की देखभाल करने की अविश्वसनीय चुनौती के बावजूद, उसे हर दिन बड़ा होते देखने पर यह सब सार्थक लगता है। मैं सभी कठिनाइयों को भूल जाती हूं।)

प्रसवपूर्व भावनात्मक बदलाव

पिता: मेरी पत्नी और मैं हमेशा एक बच्चा चाहते थे। वह संभवतः अवसाद ग्रस्त कैसे हो सकती है?

मां: मैंने प्रसव बाद अवसाद के बारे में बहुत कुछ सुना है, लेकिन प्रसव पूर्व अवसाद के बारे में कुछ भी नहीं!

  • गर्भावस्था बहुत उत्तेजना और प्रत्याशा का कारण बनती है, लेकिन हमें अन्य भावनाओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जो एक मां गर्भावस्था के विभिन्न चरणों में शायद अनुभव करती है, जन्म से पहले और जन्म के बाद दोनों। इनमें से कुछ भावनाओं में चिंता, भ्रम, असहायता और चिड़चिड़ापन आदि शामिल हैं।
  • प्रसव पश्चात चुनौतियों के अलावा, जन्म देने से पहले भी मां शायद भावनात्मक समस्याओं का अनुभव करती है।
  • आइए एक नजर डालते हैं प्रसवकालीन भावनागत समस्याओं और उनके प्रभाव पर, साथ ही गर्भावस्था के दौरान मां के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के टिप्स।

प्रसवपूर्व मूड की समस्याएं:

  • गर्भवती महिलाओं को अक्सर शारीरिक परिवर्तनों, यहां तक कि असुविधा का अनुभव होता है, इसलिए उनकी जीवनशैली को तदनुसार समायोजित करने की आवश्यकता होती है। यह समायोजन भी उसकी भावनाओं को प्रभावित कर सकता है। वह भ्रूण के विकास या प्रसव के बाद शिशु की देखभाल व्यवस्था के बारे में चिंतित हो सकती है। गर्भावस्था की यात्रा के साथ, कई बार माताएं कई तरह की भावनात्मक गड़बड़ियों से पीड़ित रहती हैं। परिवार और दोस्तों के लिए मां के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
  • आम तौर पर कहा जाए तो यह स्वाभाविक है कि लोग विभिन्न भावनाओं के साथ जीवन में होने वाले विभिन्न परिवर्तनों पर प्रतिक्रिया देते हैं। हालांकि, निम्न मूड या चिंता दो सप्ताह से अधिक तक बनी रहती है और इसका असर मां के दैनंदिन काम पर पड़ रहा है तो उसके प्रसवकालीन अवसाद से पीड़ित होने की आशंका है।

प्रसवकालीन मूड की समस्याओं के प्रभाव:

  • अगर कोई महिला भावनात्मक समस्याओं से पीड़ित है, तो उसकी मानसिक स्थिति, दैनिक कार्य, कार्य प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है, और यह संबंधों को प्रभावित करने तक बढ़ सकता है।
  • प्रसवकालीन भावनात्मक समस्याएं भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकती हैं। प्रसवकालीन अवसाद से पीड़ित माताओं को गर्भपात या समय से पहले जन्म का उच्च आशंका हो सकती है। इसके अलावा, शोध निष्कर्ष बताते हैं कि मां जो गर्भावस्था के दौरान प्रसवकालीन अवसाद और चिंता से ग्रसित रहती है उनको ऐसा शिशु होने की आशंका अधिक रहती है जिसमें भावनात्मक नियमन और स्वभावजन्य नियंत्रण को लेकर अधिक समस्याएं हो सकती है।
  • प्रसवकालीन अवसाद या चिंता से ग्रसित मांओं को प्रसव बाद अवसाद होने का उच्च जोखिम भी हो सकता है।

गर्भवती महिलाओं की देखभाल:

भावी मां के भावनात्मक स्वास्थ्य की देखभाल करने से जुड़े विवरण के लिए परिवार और दोस्त "प्रारंभिक पहचान" और "प्रचलित प्रसवपूर्व या प्रसव पश्चात अवसाद" के पाठ देख सकते हैं।

प्रसव पश्चात भावनात्मक बदलाव

मां क: मैं हर समय थक जाती हूं और भूख बहुत कम लगती है ... कई बार में चिंता करती हूं कि शिशु पर्याप्त नहीं खा रहा है, आराम महसूस नहीं कर रहा है....क्या मैं प्रसव बाद अवसाद से पीड़ित हूं?

मां ख: मैं ठीक हूँ। जन्म देने के बाद हर कोई उत्तेजित और चिंतित महसूस करता है। मुझे बस कुछ देर नींद लेने की ज़रूरत है, तब मैं ठीक हो जाऊंगी!

  • क्या जन्म देने के बाद भावनात्मक उतार-चढ़ाव का अनुभव करना सामान्य है? किस बिंदु पर इसे प्रसव बाद अवसाद माना जाएगा? प्रसव बाद अवसाद के लक्षण क्या हैं?
  • आइए प्रसव पश्चात विभिन्न प्रकार की मूड समस्याओं के पैमाने, नैदानिक प्रस्तुति और प्रबंधन को जानें।

जन्म देने के बाद, हार्मोनल बदलाव, भूमिका में परिवर्तन, शिशु देखभाल की चुनौतियां और पारिवारिक मुद्दों के कारण, माताओं को मूड की समस्याओं से पीड़ित होने का उच्च जोखिम हो सकता है।

प्रसव पश्चात मूड की समस्याओं की 3 श्रेणियां हैं:

  1. प्रसव पश्चात ब्लूज
  2. प्रसव पश्चात अवसाद
  3. प्रसव पश्चात मनोविकार

इनमें से प्रत्येक का पैमाना, नैदानिक प्रस्तुति, गंभीरता और प्रबंधन का स्तर है।

  1. प्रसव पश्चात ब्लूज
    • भावनात्मक गड़बड़ी प्रसव पश्चात 40 - 80% महिलाओं को प्रभावित करती है।
    • यह आमतौर पर प्रसव के बाद 3 - 5 दिनों के भीतर होता है।
    • लक्षणों में मूड में बदलाव, लगातार रोना, अनिद्रा और चिड़चिड़ाहट शामिल है। यह एक क्षणिक स्थिति है और लक्षण अपेक्षाकृत हल्के हैं।

    प्रबंधन: उचित देखभाल और समर्थन के साथ, लक्षण अक्सर कुछ दिनों के भीतर स्वचालित रूप से खत्म हो जाते हैं।

  2. प्रसव पश्चात अवसाद
    • प्रसव पश्चात अवसाद की घटनाएं विश्व स्तर पर 13 -19% है। हांग कांग में, प्रसव बाद की हर 10 महिलाओं में से एक महिला प्रसव बाद अवसाद से पीड़ित होती है।
    • प्रसव पश्चात अवसादग्रस्त मूड बिना बताए सामने आ सकता है और धीरे-धीरे गंभीर हो सकता है। लक्षणों की शुरुआत आम तौर पर 6 सप्ताह के भीतर होती है, लेकिन प्रसव के बाद एक वर्ष के दौरान हो सकती है।
    • यदि निम्नलिखित लक्षण 2 सप्ताह से अधिक तक बने रहते हैं, तो प्रसव बाद अवसाद से पीड़ित होने की आशंका अधिक है:
      • मां खराब मूड से पूरे दिन पीड़ित रहती है, लगभग हर दिन, उदास और उदासी की भावना, स्पष्ट कारण के बिना रोना या रोना चाहती हैं, लेकिन उसकी आंखों में आँसू नहीं है
      • मां की रुचि उन चीजों में भी खत्म हो जाती है जिसमें पहले थी (यहां तक कि शिशु में भी रुचि खत्म हो जाती है)
      • भूख लगने में गड़बड़ी
      • अनिद्रा या सुबह जल्दी नींद टूट जाना
      • दिनभर में अधिकतर समय थकान और ऊर्जा की कमी
      • ध्यान केंद्रित करने और निर्णय लेने में मुश्किल
      • दोषी, बेकार और निराश महसूस करना
      • अत्यधिक चिंता और चिड़चिडाहट

    प्रबंधन: ज्यादातर मां आमतौर पर प्रसव पश्चात अवसाद से ठीक हो जाती हैं, यदि स्थिति को जल्द पहचान लिया जाए और समुचित इलाज तथा परिवार से समर्थन मिले।

  3. प्रसव पश्चात मनोविकार
    • यह दुर्लभ स्थिति है जो प्रसव बाद महिलाओं में केवल 0.1 - 0.5% को प्रभावित करती है।
    • लक्षण आम तौर पर गंभीर होते हैं और प्रसव के बाद 2 सप्ताह के भीतर अचानक होते हैं।
    • 3 मुख्य प्रकार के लक्षण हैं:
      • सुनने में भ्रम
      • दूसरों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने के विचित्र विचार
      • आत्म-नुकसान या शिशु को नुकसान पहुंचाने का विचार

    प्रबंधन: प्रसव पश्चात मनोविकार एक मनोवैज्ञानिक आपात स्थिति है। मनोचिकित्सक के पास तत्काल भेजना या दुर्घटना और आपातकालीन अस्पताल विभाग में ले जाना आवश्यक है।

प्रसव पश्चात अवसाद के मुख्य जोखिम कारक

पिता क: मेरी पत्नी को प्रसव पश्चात अवसाद पहले था। अब वह फिर गर्भवती है, क्या वह फिर से इसका अनुभव करेगी?

दादी: मेरी बेटी हमेशा से मजबूत रही है। मुझे नहीं लगता कि उसे प्रसव पश्चात अवसाद होगा।

पिता ख: मेरी मां मदद करने के लिए आ रही है, और हमारे पास एक नैनी और एक नौकरानी है - वास्तव में हमारे पास बहुत मदद है! हमें हमारी वित्तीय स्थिति के बारे में भी चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। मेरी पत्नी अवसाद से पीड़ित कैसे हो सकती है?

  • प्रसव पश्चात अवसाद का सटीक कारण अज्ञात है। शोद से पता चलता है कि कई ऐसे कारण हैं जिसकी वजह से प्रसव के बाद महिलाओं में प्रसव बाद अवसाद की आशंका बढ़ सकती है।
  • इनमें से कुछ कारकों को प्रारंभिक पहचान और उचित उपचार के माध्यम से रोका जा सकता है, या प्रबंधित किया जा सकता है।
  • आइए प्रसव पश्चात अवसाद के मुख्य जोखिम कारकों पर नज़र डालते हैं।

नैदानिक कारक

    • अवसाद और चिंता विकार समेत मानसिक बीमारी का इतिहास
    • गर्भावस्था के दौरान अवसाद या चिंता के लक्षण सामने आना

मनोवैज्ञानिक कारक

  • चिंता-उन्मुख व्यक्तित्व
  • सामाजिक समर्थन की कमी
  • खराब वैवाहिक / दम्पति संबंध
  • ससुराल पक्ष से खराब संबंध
  • घरेलू हिंसा
  • वित्तीय परेशानी

गर्भावस्था, प्रसव और शिशु से संबंधित कारक

उदाहरण के लिए,

  • प्रसव से पहले और बाद में जटिलताएं
  • आपातकालीन सीज़ेरियन सेक्शन
  • पिछला गर्भपात और गर्भधारण में मुश्किल
  • अनियोजित गर्भावस्था या गर्भावस्था के प्रति दोनों तरह के विचार महसूस करना
  • गंभीर जन्मजात बीमारियां या समय से पहले शिशु का जन्म

प्रारंभिक पहचान

पिता: प्रिय पत्नी, तुम्हें बहुत ज्यादा सोचने या चिंता करने की जरूरत नहीं है। सब कुछ ठीक होगा।!

दादी: मेरी बेटी अभी से घबरा रही है। तो वो जैसे रहती है मैं उसे उसी तरह रहने दूंगी!

  • नए पिता या दादा-दादी के सांत्वनादायक शब्द का प्रभाव बहुत अच्छा होता है, लेकिन परिवार के इन सदस्यों ने इस संभावना को अनदेखा कर दिया होगा कि मां प्रसव बाद अवसाद से पीड़ित है।
  • अगर परिवार के सदस्य मां की स्थिति को अच्छे से जानते हैं, तो प्रसवकालीन अवसाद की प्रारंभ में पहचान हो सकती है, ऐसे में समुचित मदद मांगी जा सकती है, इससे मूड समस्या के बिगड़ने को रोका जा सकता है, नहीं तो इससे परिवार के कल्याण पर असर पड़ सकता है।
  • आइए जानें कि प्रारंभ में ही प्रसवकालीन और प्रसव बाद मूड समस्या के लक्षणों की पहचान कैसे करें।

उसके साथी, परिवार या दोस्तों के रूप में:

  • आप शिशु के जन्म से पहले और बाद में मां के विचारों, भावनाओं, व्यवहारों और शारीरिक स्थितियों में हुए बदलावों पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।
    • उसका दिमाग:

      वह अपनी क्षमताओं पर सवाल उठाकर, दूसरों की टिप्पणियों पर अधिक प्रतिक्रिया देकर, लोगों की प्रतिक्रियाओं का सख्त जवाब देकर, अपने खिलाफ लोगों की आलोचनाओं पर आसानी से जोर देकर, शिशु या भविष्य के प्रति नकारात्मक विचार रखकर, अत्यधिक चिंता कर और अत्यधिक चिंतित विचार इत्यादि सहित नकारात्मक विचारों को जारी रख सकती है।

    • उसकी भावनाएं:

      खराब मूड, ऊर्जा की कमी, निराशावादी, चिंतित, उद्विग्न, असहाय, भयभीत, संदिग्ध, बेचैन, परेशान, और मूड में विभिन्न बदलाव आदि।

    • शारीरिक स्थिति:

      अनिद्रा, कम भूख, आदि

    • उसका व्यवहार:

      बेचैनी, छोटी-छोटी चीजों पर चिढ़ना, बिना स्पष्ट कारण के रोना, बार-बार शिशु की सांस की जांच करना या शिशु बीमार तो नहीं है जैसे अनुपयुक्त व्यवहार आदि।

  • आप उसके साथ संवाद करने के लिए पहल कर सकते हैं, ताकि वह ऊपर सूचीबद्ध परिवर्तनों को साझा कर सके।

यदि शिशु के जन्म होने से पहले या बाद 2 सप्ताह से अधिक तक ये लक्षण बने रहते हैं, और नई मां के दैनंदिन कार्य को बड़े स्तर पर प्रभावित करता है तो मां को जल्द से जल्द पेशेवर की मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

प्रसव पूर्व या प्रसव बाद अवसाद की रोकथाम

मां क: मैं अपने पति से कामकाज में मदद के लिए उनकी पहल के लिए प्यार करती हूं: वह घर की सफाई करता है, डायपर बदलता है और शिशु को नहलाता है....

मां ख: मेरी इच्छा है कि हर कोई देख सके कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। कभी-कभी मैं पूरी तरह से यह नहीं समझ पाती कि शिशु क्या चाहता है और वह क्यों रो रहा है!

  • ऊपर मां द्वारा बोले गए कुछ शब्द हैं जो परिवार और दोस्तों से सहानुभूति चाहती है। एक साथी और दादा-दादी के रूप में, मां के प्रसवपूर्व और प्रसव पश्चात अवसाद को रोकने में मदद के लिए हम क्या कर सकते हैं? आइए एक साथ देखते हैं।

दादा-दादी के रूप में:

  • हम आधुनिक युग में रहते हैं जहां चीजें तेजी से बदलती हैं। यह स्वाभाविक है कि शिशु पालन की विधि पीढ़ियों के बीच अलग-अलग है। हम खुले दिमाग से गर्भावस्था और प्रसव के दौरान युवा पीढ़ी की आदतों और जीवनशैली के बारे में संवाद कर इसे सीख सकते हैं। जब समय सही हो तो, हम पारस्परिक सम्मान के आधार पर अपने अनुभव साझा कर सकते हैं। हमें यह भी समझना चाहिए कि उन्हें हमारी आदतों का अक्षरश: पालन नहीं करना है।
  • कभी-कभी, हम शिशु की देखभाल करने में भी मदद कर सकते हैं, ताकि युवा माता-पिता घनिष्ठ संबंध विकसित करने के लिए कुछ समय बिता सकें।

साथी के रूप में, मैं कर सकता हूं:

  • गर्भावस्था के लिए उचित तैयारी करें, उदाहरण के लिए परिवार और वित्तीय नियोजन करें।
  • विभिन्न साधनों के माध्यम से उसकी चिंता कम करने के लिए गर्भावस्था, प्रसव और शिशु देखभाल के बारे में और जानें और विभिन्न माध्यमों के जरिए पितृत्व को लेकर यथार्य़वादी अपेक्षाएं रखें, उदाहरण के लिए मातृ और बाल स्वास्थ्य केंद्र में बाल देखभाल और पितृत्व कार्यशालाओं में शामिल हों।
  • गर्भावस्था की मांगों को पूरा करने के लिए उसके साथ एक टीम के रूप में काम करें, उदाहरण के लिए नियमित जांच के लिए उसके साथ जाएं।
  • घर के कामकाज और शिशु देखभाल की जिम्मेदारियों को साझा करने के लिए पहल करें, ताकि वह और अधिक आराम कर सके।
  • उसकी भावनाओं की अच्छी देखभाल भी करें। गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद भावनात्मक परिवर्तनों को ध्यान में रखना और समझने का प्रयास करें। उसे भावनाओं को व्यक्त करने के लिए समय और स्थान दें। उन्हें धैर्य से सुनें और तुरंत सलाह देने की कोशिश नहीं करें।
  • उसे और प्रोत्साहन दें; उसके प्रयासों को प्रमाणित करने के लिए मीठे शब्द, टेक्स्ट संदेश या नोट भेजें। उदाहरण के लिए, "मैं आपके प्रयासों की सराहना करता हूं।" "स्तनपान के लिए बहुत सारी ऊर्जा और धैर्य की आवश्यकता होती है और आप एक महान काम कर रही हैं!"।
  • गर्भावस्था और प्रसव के बाद के जीवन के दौरान उसकी स्वास्थ्य स्थितियों पर विचार करें और अपने सेक्स जीवन को उस हिसाब से निर्धारित करें। (विवरण के लिए, कृपया परिवार स्वास्थ्य सेवा, स्वास्थ्य विभागhttp://s.fhs.gov.hk/svx7sकी वेबसाइट पर "शिशु जन्म से पहले और बाद में स्वस्थ सेक्स जीवन" देखें।)
  • उसे अवकाश और आराम के लिए समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करें, जैसे दोपहर के समय सोना, सैर पर जाना, या दोस्तों के साथ बैठक करना।
  • दूसरे माता-पिता के साथ गर्भावस्था और शिशु पालन के अनुभव साझा करने से अनुभव और सामाजिक समर्थन बढ़ाने में मदद।
  • प्रसकालीन और प्रसव बाद भावनात्मक मुद्दों के बारे में और जानें। जरूरत के समय में पेशेवर की मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करें और उसके साथ जाएं।

मुझे अपना ख्याल भी रखना आवश्यक है

पिता क: केवल महिलाएं प्रसव बाद मूड विकास से ग्रस्त होती हैं। पुरुष भी कैसे प्रभावित हो सकते हैं? ऐसा नहीं होता है!

पिता ख: मैं मजबूत और सक्षम आदमी हूं, मैं शायद अपनी भावनाओं से प्रभावित नहीं हो सकता!

  • चाहे आप साथी हैं या परिवार के सदस्य, भावनात्मक रूप से परेशान माता-पिता या नई मां की देखभाल करते समय लोग तनाव महसूस करते हैं। शोध निष्कर्ष बताते हैं कि यदि एक मां प्रसव पश्चात अवसाद से ग्रस्त है, तो उसके साथी के लिए भी अवसादग्रस्त मनोदशा का अनुभव करने की आशंका अधिक है। इस वजह से, आपको अपने साथी की देखभाल करते समय स्वयं का ख्याल रखना चाहिए।

साथी या परिवार के सदस्य के रूप में, मुझे यह करना चाहिए:

  • अपने लिए यथार्थवादी अपेक्षाएं निर्धारित करें। मैं सुपरमैन नहीं हूं! मेरे लिए सभी समस्याओं का समाधान करना या मेरे लिए "पूर्ण पिता / साथी / परिवार का सदस्य" बनना असंभव है।
  • मेरी नकारात्मक भावनाओं को स्वीकार करें। अगर वह प्रसवकालीन या प्रसव बाद अवसाद से पीड़ित है तो मैं भी परेशान हो सकता हूं। उदाहरण के लिए:
    • मुझे इन सभी भावनाओं को स्वीकार करना ज़रूरी है।
    • यह विश्वास करना मुश्किल है कि वह अवसाद में है
    • उसकी नकारात्मक भावनाओं के लिए दोषी महसूस कर रहा हूं
    • मदद लेने के लिए उसकी अनिच्छा के बारे में कुंठित महसूस कर रहा हूं
    • उसके और शिशु के बारे में चिंतित महसूस कर रहा हूं
    • उसके मूड की समस्याओं की लगातार खराब स्थिति के बारे में असहाय महसूस कर रहा हूं ...
  • दोस्तों और परिवार से जुड़े रहें। आवश्यकता होने पर, ऐसे व्यक्ति की तलाश करना जिस पर विश्वास कर भावनाओं को साझा किया जा सकता है, जिससे तनाव से छुटकारा पाने में मदद मिले।
  • अपने सामाजिक समर्थन नेटवर्क को मजबूत करें और अन्य माता-पिता के साथ संवाद करें। किसी और के साथ समान चुनौतियों का सामना करने से हम कम अकेले महसूस करेंगे।
  • स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखें। धूम्रपान न करें, शराब नहीं पीएं। अवकाश और आराम के लिए समय निकालें ताकि मैं अपने तनाव से छुटकारा पा सकूं।
  • सकारात्मक चीजों पर ध्यान केंद्रित करें और मुझे श्रेय दें। खुद की सराहना करने की कोशिश करें और खुद को यह याद दिलाएं कि मैंने इस परिवार में कितना योगदान दिया है।
  • दम्पति को अपने रिश्ते को बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। कभी-कभी, हमें एक दाई को रखना चाहिए ताकि हम कुछ निजी समय का आनंद उठा सकें।
  • जब मैं तनाव से छुटकारा पाने में असमर्थ महसूस करती हूं, तो मुझे पेशेवरों से मदद लेनी चाहिए।

सहायता पाने के तरीके

पिता: अगर मेरी पत्नी प्रसवकालीन या प्रसव बाद मूड की समस्याओं से पीड़ित है, तो मैं कैसे मदद ले सकता हूं?

दादी: मेरा पोता पहले ही 2 महीने का हो गया है। उनकी मां में अभी भी चिड़चिड़ाहट है, बहुत परेशान है और बहुत रोती है। मैं मदद के लिए कहां जा सकती हूं?

  • आप परिवार के चिकित्सक या उसकी प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के साथ अपॉइंटमेंट लेकर आकलन और प्रबंधन कर सकते हैं. यदि आवश्यक हो, तो वे आपको एक विशेषज्ञ के पास भेजेंगे।
  • या आप पेशेवर मूल्यांकन और उपचार के लिए निजी मनोचिकित्सक या नैदानिक मनोवैज्ञानिक को पास जा सकते हैं।
  • आप आकलन या भर्ती होने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता या परामर्शदाता के पास जाएं।
  • अगर मां प्रसव बाद मूड की समस्याओं से पीड़ित है, तो वे प्रारंभिक मूल्यांकन और उपयुक्त सेवाओं और भर्ती होने तथा नर्सों को दिखाने के लिए अपने आवासीय क्षेत्र में मातृ और बाल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर सकती हैं।

संबंधित जानकारी

परामर्श सेवाएं और हॉटलाइन

द समरिटिन ब्रीफेंडर्स हांग कांग 2389 2222
आत्महत्या रोकथाम सेवाएं 2382 0000
समाज कल्याण विभाग 24-घंटे हॉटलाइन 2343 2255
हॉस्पिटल अथॉरिटी 24-घंटे मेंटल हेल्थ डायरेक्ट 2466 7350

अन्य

पारिवारिक स्वास्थ्य सेवा 24-घंटे सूचना हॉटलाइन, स्वास्थ्य विभाग 2112 9900
ब्रेस्टफीडिंग हॉटलाइन, स्वास्थ्य विभाग 3618 7450
स्वास्थ्य विभाग की 24 घंटे की स्वास्थ्य शिक्षा हॉटलाइन 2833 0111
परिवार स्वास्थ्य सेवा, स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट www.fhs.gov.hk
प्राथमिक देखभाल निर्देशिका, स्वास्थ्य विभाग
(आप इस निर्देशिका का उपयोग अपनी जरूरत के अनुरूप पारिवारिक चिकित्सक खोजने में कर सकते हैं।)
www.pcdirectory.gov.hk


अच्छा मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना महत्वपूर्ण है। प्रसव से पहले और बाद में ध्यान दें। अवसाद के बारे में और जानें। जल्दी मदद लें, और संकोच नहीं करें।

नई मांओं को सुनें और उन्हें प्रोत्साहित करें। पति को घर के कामकाज सहित घर के कार्यभार को साझा करना चाहिए। दादा-दादी को नए माता-पिता को स्थान देना चाहिए। साथ मिलकर हम एक प्यारा परिवार बनाएंगे।