एटिपिकल स्क्वामस सेल्स ऑफ़ अनडिटरमाइंड सिग्निफिकेंस (ASCUS) उच्च जोखिम वाला HPV टेस्ट किया गया (30 साल से कम उम्र की महिलाओं के लिए)

(सामग्री संशोधित 04/2023)

जब सर्वाइकल स्क्रीनिंग टेस्ट ASCUS की मौजूदगी दिखाता है, तो इसका मतलब है कि कोशिकाएं माइक्रोस्कोप में सामान्य कोशिकाओं से कुछ अलग हैं, लेकिन उनकी गिरावट का स्तर इतना गंभीर नहीं है कि उन्हें प्री-कैंसर वाले सेल्स कहा जा सके। सर्वाइकल स्क्रीनिंग टेस्ट्स में ASCUS सबसे आम असामान्य जाँच-परिणाम है: स्क्रीनिंग टेस्ट देने वाली हर 100 महिलाओं में से, लगभग 3 से 5 में उपरोक्त अभिव्यक्ति होगी और जिनमें से 50% की कोशिकाएं 4 से 6 महीने के बाद सामान्य हो जाती हैं। HPV ट्राइएज एक अतिरिक्त टेस्ट है जो ये आँकने के लिए किया जाता है कि क्या सर्वाइकल कोशिकाएँ उच्च जोखिम वाले ह्यूमन पैपिल्लोमावायरस (HPV) से संक्रमित हो गई हैं। ये समय के साथ कोशिकाओं के प्री-कैंसर या कैंसरग्रस्त कोशिकाओं में बदलने के जोखिम का आँकलन करता है क्योंकि सर्वाइकल कैंसर के लगभग सभी मामले उच्च जोखिम वाले HPV के साथ लगातार संक्रमण की वजह से होते हैं।

अगर सर्वाइकल कोशिकाएं उच्च जोखिम वाले HPV से संक्रमित नहीं हुई हैं, तो गंभीर कोशिका क्षति की संभावना बहुत कम है।  इसलिए, महिलाओं को सिर्फ़ 3 साल बाद ही सर्वाइकल स्मीयर दोहरानी होगी।  अगर रिपीट स्मीयर का परिणाम सामान्य हुआ, तो वे दूसरी महिलाओं की तरह नियमित जाँच जारी रख सकती हैं। अगर दोहराए गए टेस्ट के परिणाम में लगातार असामान्य कोशिकाएं, या और ज़्यादा गिरावट वाली कोशिकाएं दिखाई देती हैं, तो उसे कॉल्पोस्कोपी के लिए स्पेशलिस्ट क्लिनिक में भेजा जाएगा।

हम समझते हैं कि आप जितनी जल्दी हो सके, रिपीट टेस्ट कराना चाहेंगे। चूंकि सर्वाइकल कोशिकाओं की बाहरी परत पिछले स्मीयर के दौरान छिल गई है और कोशिकाओं को दोबारा बढ़ने में समय लगता है (कम से कम 4 से 6 हफ़्ते), जल्द दोबारा जाँच सर्वाइकल कोशिकाओं की स्थिति को सटीक रूप से प्रतिबिंबित नहीं कर सकती है और कोशिकाओं को सामान्य स्थिति में आने के लिए पर्याप्त समय नहीं देगी। इसके अलावा, बहुत बार-बार टेस्टिंग से उन बदलावों को डिटेक्ट किया जा सकता है जो कभी भी कैंसर का कारण नहीं बन सकते हैं, जिससे बेमतलब चिंता, जाँच और उपचार की ज़रुरत होती है। इसलिए ये सलाह दी जाती है कि आप निर्धारित समय पर रिपीट टेस्ट के लिए उपस्थित हों।

अगर असामान्य सर्वाइकल कोशिकाएं उच्च जोखिम वाले HPV से संक्रमित हो गई हैं, तो संभावना है कि ये कोशिकाएं गंभीर रूप से खराब हो सकती हैं या कैंसर में बदल सकती हैं। इसलिए, महिलाओं को कॉल्पोस्कोपी के लिए स्पेशलिस्ट क्लिनिक में भेजा जाएगा। चूंकि सर्वाइकल कोशिकाओं की गंभीर गिरावट से लेकर कैंसर तक बढ़ने में आम तौर पर 5 से 10 साल लग जाते हैं, इसलिए स्थिति शायद ही कभी कोई तुरंत खतरा पैदा करती है, इसलिए कृपया बहुत ज़्यादा चिंता न करें।

कॉल्पोस्कोपी क्या है?

कॉल्पोस्कोपी एक मैग्निफ़ाइंग ग्लास का इस्तेमाल करके योनि और सर्विक्स की जांच करने को कहते हैं। ये जाँच प्रक्रिया बिना एनेस्थीसिया के क्लीनिक में की जा सकती है और इसमें लगभग 10 मिनट लगते हैं।

प्रक्रियाएँ

डॉक्टर कॉल्पोस्कोप को डालेंगे, योनि और सर्विक्स को स्पेशल औषधीय सॉलूशन से निशान लगाएँगे और फ़िर किसी भी असामान्य घाव की पहचान करने के लिए कॉल्पोस्कोप का इस्तेमाल करेंगे।  अगर कोई असामान्य घाव पाया जाता है, तो डॉक्टर एक उपकरण का इस्तेमाल करके टिश्यु का एक छोटा टुकड़ा निकालेंगे और आगे की एनालिसिस के लिए उसे लैबोरेटरी में भेजेंगे।